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कवि बॉस से बड़ा न दिखे

कवि बॉस से बड़ा न दिखे

कवि बॉस से बड़ा न दिखे

कवि बॉस से बड़ा न दिखे
कवि बॉस से बड़ा न दिखे

हर इंसान को अपनी अशुरख्या का भावना होता है ! जब आप लोगों के सामने अपने अच्छे और शक्ति का गुण का प्रदर्शन करते हैं, तोह उनमे ज्वलन, ईर्षा, और आप क प्रति अशुरख्या की भावनायें जागृत होती है ! यह एक स्वाभाविक है और इसका कोई इलाज़ नहीं है ! दूसरों को अच्छे भाबना को चिंता करके आप अपनी ज़िन्दगी बर्बाद नहीं कर सकते ! बहरहाल, आप अपने  से ऊपर बैठे लोगों के प्रति आपको एक अलग नीति अपनानी चाहिए ! बॉस से श्रेष्ठ दिखना या उससे ज्यादा प्रभावशाली दिखना या फिर शक्ति हासिल के पीछे ज्यादा आपका ही नुक्सान होगा और यह सायद आपका सबसे बड़ा गलती हो सकती है ! उँच्चे पदों पैर बैठे हुए लोग हमेशा राजा  और रानिया की तराहा होते हैं ! वह पदों पैर हमेशा सुरसराखित महसूस करना चाहते हैं ! ज्ञान और अपने बातों के माध्यम से वह अपने आस पास लोगों से अपने आप को श्रेष्ठ दिखाना चाहते हैं ! आप भूल से भी आम सोच पे मत रहिये और उष पथ पे ना चले के आप अपनी प्रतिभा और अपने गुण का प्रदर्शन करके आप अपनी बॉस के सदभाबना हासिल कर लेंगे ! ऐसा भी हो सकता है बॉस ऊपर से आपकी  तारीफ करने की  नाटक करें ! लेकिन मौका मिलते ही वह आपकी जगह पे किसी ऐसे इंसान को रखे जो उए से कम आकर्षण और कम बुद्धिमान ब्यक्ति को रख दे जिस से उससे कोई अशुरख्या का महसूस ना हो !

आप को हमेशा यह याद रहना चाहिए ईश नियम का दो पेहेलुं है !

पहेली बात यह है की आप कोशिश किये बिना ही आप अपने बॉस से अच्छे और उन के योगता की लायक हैं और आप बॉस के बिना ही सारे काम कर सकते हैं ! ऐसे ही कारन के बजे से बॉस लोग अपने आप को अशुरक्षित महसूस करते हैं ! अगर ईश प्रकार समस्या आप के सामने आएं तोह आप अपने अच्छे गुण और अच्छे ज्ञान को वहां इश्तेमाल ना करें और बॉस को पूछें इसका क्या समाधान होना चाहिए !

दूसरी बात आप हमेशा याद रखें बॉस आपसे खुस है और वह आपको प्यार या कोई स्नेह करता है ! इशिलिये आप अपनी मनन मर्जी का हर काम कर सकते हैं ! ऐसे ही कई प्रिय पात्रों को बॉस ने अपने काम निकालने को रखा है ! कियूं के ऐसे बहुत उधारण हैं  के जिन्होंने मान लिया था की वह हमेशा बॉस के नजर में चढ़े रहेंगे लेकिन बॉस से ज्यादा चमकने के कारन वह बॉस के नज़र से गिर गए!

अपने बॉस से श्रेष्ठ दिखने  के खतरे को जानने के बाद आप इस नियम का लाभ उठा सकते हैं ! सबसे पहले तो आप अपने मालिक का चापलूसी करना चाहिए और उससे  चन्ने के झाड़ पैर चढ़ना चाहिए ! प्रत्येख या सिद्धि चापलूसी असरदार होता है ! लेकिन इश्की कुछ सीमाएं भी हैं ! प्रत्येख चापलूसी बहुत स्पस्ट होता है और साफ़ दिख जाती है ! इसके अलाबा यह दूसरे दरबारियों को भी दिख जाता है ! इसके अलाबा अप्रतख्य या छिपाकर की गयी चापलूसी बहुत शक्तिशाली होता है ! उदहारण के लिए अगर आप अपने बॉस ज्यादा बुद्धिमान है तो इसके बिपरित प्रदर्शन करे ! बॉस को अपने से ज्यादा बुद्धिमान बताएं और आप मूर्खता का अभिनय करे ! ऐसा दिखाबा करे जैसे आपको बॉस ज्ञान का सख्त जरुरत हैं ! ऐसी छोटी गलतियां करें जिसे आपको आगे चल कर कोई नुक्सान न पहुंचे ! ऐसे कुछ काम करें जिसके कारन आपको बॉस की मदत मिले नहीं तो मदत मांग ने का अबसर मिले ! हर बॉस को अपने ज्ञान का प्रदर्शन करना अच्छा लगता है ! आप उसके के ध्यान से सुने और उसी ज्ञान का अप्रतख्य तरीके से बहुत तारीफ करें ! इस के लिए आप किसी सोशल साइट पे उसी ज्ञान को ऐसे अपडेट करे की बॉस को दूसरे के माधयम से पता चलें ! बॉस के अनुभब के खजाने को इश्तेमाल करें नहीं तो बॉस से सलाह मांगे ! ऐसा न करने से बॉस आप के प्रति आक्रोश और दुर्भावना जागृत होता है !

बिचार

अपने से बरिष्ठ लोगों को यह महसूस दे की वह आपसे बड़े और ज्यादा ज्ञानी हैं ! करने क लिए अपनी योग्ताओं का ज्यादा प्रदर्शन ना करें ! अगर आप उनसे ज्यादा प्रभावशाली है और ज्यादा ज्ञान आप में है यह दिखाएंगे तोह ठीक उसका बिलकुल उल्टा अर्थ निकलेगा ! ऐसा करने से परिणाम ठीक उल्टा होगा ! वह भयवित और असुअरखित महसूस करेंगे ! इसके अलाबा अगर आप उनको ज्यादा इज़्ज़त और सन्मान देंगे और अपने बॉस को ज्यादा प्रतिभाशाली बता ते रहेंगे तोह आप सुरसखित और आपका बरकत होगा और आप ऊँची पायदान में पहुँच जाएंगे.